तुझसे कोई गिला नहीं है….
February 28, 2008 — Tanu Shreeतुझसे कोई गिला नहीं है ,
किस्मत में मेरी सिला नहीं है :
बिछड़े तो न जाने हाल क्या हो ?
जो शख्स अभी मिला नहीं है |
जीने की तो आरजू ही नहीं है ,
मरने का भी हौसला नहीं है |
जो जिस्त को मोतबर बना दे ,
ऐसा कोई सिलसिला नहीं है |
खुशबू का हिसाब हो चुका है ,
और फूल अभी भी खिला नहीं है|
सरशारिए रहबरी में देखा ,
पीछे मेरे काफिला नहीं है |
इक ठेस पे दिल का फ़ूट बहना ,
छूने में तो आबला नहीं है |
(NOT MINE)